झांसी। दस साल पहले किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और दो वर्षों तक दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने आरोपी धर्मेन्द्र कुशवाहा को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 65 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा के अनुसार, वादी ने 18 नवंबर 2015 को थाना-बरुआसागर में तहरीर दी थी कि उसकी बहन 16 नवंबर को लापता हो गई थी। जांच में पता चला कि आरोपी धर्मेन्द्र कुशवाहा ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाया था।
अदालत ने धारा-363 के तहत 7 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा-366 के तहत 10 वर्ष का कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना, तथा धारा-7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत 5 वर्ष का कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया।
अर्थदंड न भरने पर अतिरिक्त कारावास भी लागू होगा।








