
अंबेडकरनगर जिले के टाण्डा नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की छज्जापुर शाखा से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। बीमा और फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। इस मामले में बैंक के एक कर्मी और एक बीमा एजेंट की मिलीभगत उजागर हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एनटीपीसी मुआवजे की रकम को बनाया गया निशाना
पीड़ितों के अनुसार, ठगी का शिकार हुए अधिकतर लोग वे हैं, जिन्हें एनटीपीसी टाण्डा परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा मिला था। भविष्य की सुरक्षा के लिए इस रकम को बैंक में निवेश किया गया। आरोप है कि बीमा एजेंट ने भरोसा दिलाकर फर्जी एफडी और बीमा पॉलिसी के बांड थमा दिए।
फर्जी दस्तावेज, न भुगतान और न रिकॉर्ड
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें जो दस्तावेज दिए गए, वे बैंक और बीमा कंपनी के रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थे। कई लोगों को मासिक भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक साल तक कोई राशि नहीं मिली। एक पीड़ित के मुताबिक, आठ लाख रुपये 15 चेक के माध्यम से लिए गए और हर महीने आठ हजार रुपये देने का वादा किया गया था, जो पूरा नहीं हुआ।
दर्जनों लोगों से लाखों की ठगी
सुनीता समेत एक दर्जन से अधिक लोगों से पांच-पांच लाख रुपये की ठगी का आरोप है। जब पीड़ितों ने एजेंट से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला। न वह अपने घर पर मिला और न ही कार्यालय में।








