
- साचीज एजेंसी ने पुलिस को दिए डिजिटल साक्ष्य
- हजरतगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
- पुलिस ने शुरू की जांच, एजेंसी के सिस्टम को खंगाला जा रहा
लखनऊ। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत करीब 10 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है। लखनऊ के हजरतगंज थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
39 अस्पतालों के नाम पर हुई हेराफेरी
अशोक मार्ग स्थित नवचेतना केंद्र की साचीज एजेंसी ने शिकायत दर्ज कराई है। एजेंसी के अधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, सीईओ, मैनेजर और लेखाधिकारी की ईमेल आईडी और लॉगिन डिटेल्स का गलत इस्तेमाल करते हुए जालसाजों ने 39 अस्पतालों के 6239 लाभार्थियों के नाम पर फर्जी पेमेंट किए।
ऑनलाइन सिस्टम का किया गया दुरुपयोग
साचीज एजेंसी, आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के इलाज के बाद अस्पतालों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल के माध्यम से भुगतान करती है। इस प्रक्रिया में तीन स्तरों पर सत्यापन होता है—ऑडिट, मंजूरी और अंत में बैंक द्वारा भुगतान। लेकिन इस पूरे सिस्टम को हैक या गलत तरीके से एक्सेस कर पेमेंट सीधे जालसाजों के पक्ष में किया गया।
22 दिन में रात के समय किए गए ट्रांजैक्शन
एजेंसी की जांच में खुलासा हुआ कि 1 मई 2025 से 22 मई 2025 के बीच, ज्यादातर पेमेंट रात के समय किए गए, ताकि किसी को शक न हो। इसी दौरान 9,94,13,386 रुपये का फर्जी भुगतान कर दिया गया।
पुलिस जांच जारी, डिजिटल सबूत सौंपे गए
हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के अनुसार, एजेंसी की ओर से मिले डिजिटल सबूतों और ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी एजेंसी के ही अधिकारियों की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर सिस्टम में सेंधमारी की गई है।








