
- ट्रम्प ने कनाडा के साथ व्यापार वार्ता खत्म की
- अगले 7 दिन में टैरिफ लागू करने की चेतावनी
- कनाडा 30 जून से लागू करेगा डिजिटल सर्विस टैक्स
वॉशिंगटन। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते एक बार फिर तनाव में आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कनाडा के साथ चल रही व्यापार वार्ता को अचानक खत्म करने की घोषणा कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अगले 7 दिनों में कनाडा पर नए टैरिफ लगाए जाएंगे।
यह विवाद कनाडा द्वारा लागू किए गए डिजिटल सर्विसेज टैक्स (DST) को लेकर खड़ा हुआ है। यह टैक्स 30 जून से प्रभावी होगा और 2022 से पुराने बिलों पर भी लागू किया जाएगा।
क्या है डिजिटल सर्विसेज टैक्स?
डिजिटल सर्विस टैक्स उन बड़ी कंपनियों पर लगाया गया है, जो कनाडा में ऑनलाइन सेवाओं से कमाई करती हैं। इसमें सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, डिजिटल विज्ञापन और यूजर डेटा की बिक्री शामिल है। जिन कंपनियों की सालाना वैश्विक कमाई 800 अरब डॉलर से अधिक है, उन्हें 3% टैक्स देना होगा।
इसका सीधा असर मेटा, गूगल, अमेजन, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों पर पड़ेगा। कारोबारियों का अनुमान है कि इससे अमेरिकी कंपनियों को हर साल दो अरब डॉलर से अधिक का नुकसान होगा और करीब 3,000 नौकरियां भी जा सकती हैं।
ट्रम्प ने जताई नाराजगी
ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा, “कनाडा ने अमेरिकी कंपनियों पर एकतरफा टैक्स लगा दिया है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। जल्द ही हम उन्हें बताएंगे कि अब उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार के लिए कितना टैरिफ देना होगा।”
कनाडा का रुख सख्त, बातचीत को लेकर आशंका
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि वे अमेरिका से संवाद जारी रखना चाहते हैं, लेकिन कनाडा सरकार DST वापस लेने के मूड में नहीं है। वित्त मंत्री फ्रेंकोइस-फिलिप शैम्पेन ने दोहराया कि यह टैक्स संसद में पास हो चुका है और समय पर लागू किया जाएगा।
वहीं, अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि उन्हें पहले से इस टैक्स की आशंका थी, लेकिन उम्मीद थी कि कनाडा इसे टाल देगा। अब अमेरिका टैरिफ बढ़ाने को तैयार है।
टैरिफ वॉर से दोनों देशों को भारी नुकसान की आशंका
आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल कनाडा ने अमेरिका से 349 अरब डॉलर का सामान खरीदा और 413 अरब डॉलर का निर्यात किया। ऐसे में दोनों देशों पर टैरिफ युद्ध का गंभीर असर पड़ सकता है।
कनाडा की कंजरवेटिव पार्टी और देश के कई बिजनेस ग्रुप्स ने सरकार से DST हटाने की मांग की है। कनाडा की व्यापार परिषद और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी चेतावनी दी है कि यह टैक्स अमेरिका से संबंधों को बिगाड़ सकता है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में क्या दोनों देश बातचीत की मेज पर लौटते हैं या यह विवाद एक बड़े टैरिफ वॉर का रूप ले लेता है।








