
- ट्रम्प ने नेतन्याहू से फोन पर की थी युद्ध रोकने की अपील
- भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया
- ट्रम्प बोले- “सीजफायर से ईरान-सऊदी डील में मिलेगी मदद”
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि “अगले सप्ताह तक सीजफायर संभव है।” शुक्रवार को व्हाइट हाउस स्थित ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने सीजफायर के प्रयास में शामिल कुछ लोगों से बात की है और उन्हें उम्मीद है कि जंग खत्म होने वाली है।
हालांकि ट्रम्प ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया, लेकिन उनका बयान ऐसे समय आया है जब गाजा में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं और कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं।
ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान के सीजफायर का भी लिया क्रेडिट
गाजा संघर्ष पर बात करते हुए ट्रम्प ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए संघर्षविराम को लेकर भी दावा किया कि “मैंने ही दोनों देशों के बीच जंग रुकवाई थी। अगर वे नहीं मानते, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार खत्म कर देता।”
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान परमाणु संपन्न देश हैं और “अगर उस वक्त मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो दोनों देशों में भीषण युद्ध हो सकता था।”
भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को किया खारिज
हालांकि, भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सीजफायर भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच सीधे संवाद से संभव हुआ था। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ट्रम्प को फोन कॉल के दौरान बताया था कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता।
पाकिस्तान की तरफ से हालांकि ट्रम्प की भूमिका को कुछ मौकों पर स्वीकार किया गया है।
गाजा युद्ध: 21 महीने में 56,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए
हमास और इजराइल के बीच संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 से जारी है। हमास के हमले में 1,200 इजराइली मारे गए थे और 251 को बंधक बनाया गया था। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा पर भीषण सैन्य अभियान चलाया, जिसमें अब तक 56,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इजराइली हमले ने मानवीय संकट को गंभीर बना दिया है।
हमास और इजराइल के रुख में टकराव
सीजफायर की संभावनाओं के बीच फिलहाल कोई ठोस सहमति नहीं बनती दिख रही है।
हमास ने कहा है कि वह बंधकों की रिहाई और मानवीय राहत के बदले सीजफायर को तैयार है, लेकिन हथियार डालने के लिए तैयार नहीं।
वहीं इजराइल का कहना है कि जंग तभी रुकेगी जब हमास पूरी तरह हथियार डालेगा और हार मानेगा।








