- अंबेडकरनगर के 249 कॉलेज प्रशासन की रडार पर
- डीएम ने 15 जांच टीमों को दिया जिम्मा
- कॉलेजों की इमारतों, मान्यता और छात्र संख्या की होगी जांच
अंबेडकरनगर। राम स्वरूप विश्वविद्यालय, बाराबंकी में सामने आई शैक्षिक अनियमितताओं ने पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद अब अंबेडकरनगर में भी निजी, वित्त पोषित और तकनीकी शिक्षण संस्थानों की गहराई से जांच शुरू हो गई है। जिले के 249 कॉलेजों पर अब प्रशासन की निगाहें टिकी हैं।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए 15 टीमों का गठन किया है। इन टीमों में प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के 60 से अधिक अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि 18 सितंबर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
कागजों से ज़मीनी हकीकत तक – सब कुछ खंगाला जाएगा
जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं है। कॉलेजों की इमारतें, भूमि, कक्षाओं की स्थिति, प्रयोगशालाएं, शिक्षकों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की मान्यता और छात्रों की वास्तविक संख्या — हर पहलू पर निगरानी रखी जाएगी।
शासन को यह साफ जानना है कि क्या जिले में संचालित ये संस्थान वैध मान्यता प्राप्त कोर्स ही चला रहे हैं या छात्रों को भ्रमित कर अवैध डिग्रियों का जाल बिछा रखा है।
जांच का ताना-बाना पूरी तहसीलों में फैला
अंबेडकरनगर के पांचों तहसीलों में टीमों को भेजा गया है। आलापुर, जलालपुर, भीटी, टांडा और अकबरपुर में कॉलेजों की सूची पहले ही तैयार हो चुकी है। जलालपुर में सर्वाधिक 60 कॉलेज, जबकि अकबरपुर में 56 संस्थान जांच के घेरे में हैं।








