
अम्बेडकरनगर। भियांव विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत एकडंगा सेमरा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान नरसिंह अवतार की कथा का विस्तृत वर्णन किया गया। कथा व्यास राम जस दास ने श्रद्धालुओं को भक्ति, आस्था और विश्वास का संदेश दिया।
कथा पंडाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भजन-कीर्तन और शंखनाद के बीच कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पूरे गांव में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। आयोजन समिति की ओर से बैठने, पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
भक्त प्रह्लाद प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन
कथा व्यास ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकशिपु प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची भक्ति और अटूट विश्वास के सामने अहंकार टिक नहीं सकता। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी जो व्यक्ति ईश्वर के प्रति समर्पित रहता है, उसकी अंततः विजय होती है।
नरसिंह अवतार की कथा के दौरान श्रद्धालु “हरि बोल” और “जय श्री हरि” के जयकारों के साथ भावविभोर नजर आए। कथा स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक सक्रिय रहे।
गजेन्द्र मोक्ष और वराह अवतार का उल्लेख
कथा के क्रम में गजेन्द्र मोक्ष प्रसंग का भी वर्णन किया गया। आचार्य ने कहा कि संकट की घड़ी में सच्चे मन से भगवान का स्मरण करने पर रक्षा निश्चित होती है। इसके साथ ही भगवान के वराह अवतार का प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।








