
नई दिल्ली: यूपी के करीब 30 हजार शिक्षकों ने शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक समेत 20 राज्यों के शिक्षक भी शामिल हुए।
शिक्षकों ने “टीईटी हटाओ, शिक्षक बचाओ” और “हमारा हक छीनने नहीं देंगे” जैसे नारे लगाए। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचकर पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
मुख्य मांगें:
- सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले के खिलाफ अध्यादेश लाया जाए।
- संसद में कानून बनाकर टीईटी अनिवार्यता से छूट दी जाए।
- 1 सितंबर 2027 तक टीईटी पास न करने वाले शिक्षकों को नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि रिटायर मानकर लाभ दिए जाएं।
- 23 अगस्त 2010 (RTE लागू होने से पहले) नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूरी छूट मिले।
पृष्ठभूमि:
- सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में जूनियर हाईस्कूल तक के शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया।
- इस फैसले से यूपी के 1.87 लाख शिक्षकों की नौकरी पर संकट बताया जा रहा है।
चेतावनी:
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो संसद का घेराव किया जाएगा।








