
कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल के बीच इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुर्शिदाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के बाद मशीनों में छेड़छाड़ की आशंका है और कार्यकर्ताओं से 24 घंटे निगरानी रखने की अपील की।
‘EVM बदलने की साजिश हो सकती है’
ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों और बूथ एजेंट्स से कहा कि वे EVM मशीनों की अच्छी तरह जांच करें और मतदान के बाद भी सतर्क रहें।
उन्होंने कहा—
“मुझे उनकी योजना पता है। वोटिंग के बाद वे अंदर जाकर मशीन बदल सकते हैं, इसलिए 24 घंटे निगरानी रखनी होगी।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मशीनों को हैक करने की कोशिशों पर नजर रखी जानी चाहिए।
SIR प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।
ममता ने कहा कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने और उनके नाम सूची से हटाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद से करीब 500 अधिकारियों को गलत तरीके से हटाया गया, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकता है।
‘मतदाता सूची से नाम काटना दबाव की राजनीति’
ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है।
उन्होंने आरोप लगाया—
“यह नागरिकों पर दबाव डालने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश है।”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे।
शुभेंदु अधिकारी से कड़ा मुकाबला
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने आगामी चुनाव को लेकर भी बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने संकेत दिया कि वह इस बार भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कड़े मुकाबले में उतरेंगी।
ममता बनर्जी 2011 से भवानीपुर सीट से विधायक रही हैं और इस बार चौथी बार इस सीट को बचाने की कोशिश करेंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार यह मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा हो सकता है।








