- मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर, कई इलाकों में गांव और घाट जलमग्न
- पीलीभीत में शारदा नदी का कटान तेज, बाराबंकी में नदी किनारे मस्जिद पर संकट
- कानपुर-उन्नाव में गंगा खतरे के निशान के करीब, वाराणसी में छतों पर हो रहा अंतिम संस्कार
लखनऊ/वाराणसी/प्रयागराज/कानपुर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि करीब चार लाख की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों और रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया है।
पीलीभीत में शारदा नदी का कटान तेज
पीलीभीत में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। नदी के तेज बहाव के चलते किनारे पर बने मकान और विशाल पेड़ पानी में समा गए। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बाराबंकी में नदी किनारे मस्जिद पर खतरा
लखनऊ से सटे बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात चिंताजनक हैं। नदी किनारे बनी मस्जिद का आधा हिस्सा नदी की ओर लटक गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कटान बढ़ने पर मस्जिद का बचा हुआ हिस्सा भी नदी में समा सकता है।
कानपुर-उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ा
कानपुर और उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी किनारे बसे गांवों में पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर करीब 10 फीट तक पानी भरने की स्थिति बताई जा रही है।
प्रयागराज में फिर बढ़ने लगा गंगा-यमुना का जलस्तर
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। संगम के प्रमुख घाट पानी में डूब गए हैं। वहीं लेटे हनुमान जी मंदिर परिसर भी पिछले 14 दिनों से जलमग्न है।
वाराणसी में घाटों के ऊपर बह रहा पानी
वाराणसी में गंगा का पानी सभी प्रमुख घाटों के ऊपर पहुंच गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर पानी बढ़ने के कारण छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। बाढ़ के कारण घाटों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।









