
- अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध: वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा
- बोइंग कंपनी को भारी नुकसान की आशंका
- चीन की तकनीकी स्वावलंबन की रणनीति
बीजिंग। चीन ने अपनी एयरलाइन कंपनियों को अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से नए विमानों की डिलीवरी न लेने का आदेश दिया है। साथ ही, अमेरिका में निर्मित विमान पार्ट्स और डिवाइसेस की खरीद पर भी रोक लगा दी गई है। यह कदम अमेरिका द्वारा 145% टैरिफ लगाए जाने के जवाब में उठाया गया है। बोइंग एक प्रमुख अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी है, जिसकी स्थापना 1916 में हुई थी। यह विमान, रॉकेट, सैटेलाइट और रक्षा उपकरण बनाती है। दुनिया भर की कई एयरलाइंस बोइंग के विमानों का उपयोग करती हैं।
चीन ने रेयर अर्थ मटेरियल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया
अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के बीच चीन ने 7 दुर्लभ धातुओं (रेयर अर्थ मटेरियल) के निर्यात पर रोक लगा दी है। इन धातुओं का उपयोग ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग में होता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उत्पादों के लिए आवश्यक मैग्नेट के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
4 अप्रैल को जारी आदेश के अनुसार, इन धातुओं और उनसे बने उत्पादों को विशेष परमिट के बिना निर्यात नहीं किया जा सकता। इसका वैश्विक उद्योगों पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
अमेरिका ने इलेक्ट्रॉनिक्स पर नए टैरिफ की योजना बनाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर अस्थायी छूट को जल्द ही हटाकर नए टैरिफ लगाए जाएंगे। उन्होंने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन की जांच शुरू करने का भी ऐलान किया।
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि नए टैरिफ राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगाए जाएंगे, ताकि इन उत्पादों का निर्माण अमेरिका में हो सके।








