
IAEA की निगरानी व्यवस्था और सैन्य हमलों की धमकी के बीच अहम कूटनीतिक प्रयास
तेहरान में उठी सियासी हलचल, रोम में परमाणु डील की नई बुनियाद रखने की तैयारी
वार्ता के स्थान को लेकर असमंजस के बाद रोम बना कूटनीति का नया केंद्र
दुबई। ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु मुद्दों को लेकर लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच वार्ता का नया दौर इस सप्ताह के अंत तक इटली की राजधानी रोम में आयोजित होगा। बुधवार को ईरान सरकार ने इस वार्ता की पुष्टि की है। शुरुआत में वार्ता के स्थान को लेकर असमंजस बना हुआ था, लेकिन अब इसे औपचारिक रूप से स्पष्ट कर दिया गया है।
इस कूटनीतिक पहलू से जुड़ी बड़ी खबर यह भी रही कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने एक उप-राष्ट्रपति का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जो 2015 के ऐतिहासिक परमाणु समझौते में तेहरान के मुख्य वार्ताकार थे। इससे संकेत मिलते हैं कि ईरान वार्ता को नई दिशा देने की तैयारी में है।
IAEA प्रमुख तेहरान पहुंचे
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रासी भी बुधवार को तेहरान पहुंचे हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत IAEA निरीक्षकों को ईरान की परमाणु साइट्स तक कितनी पहुंच दी जाएगी, इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी। निरीक्षण की पारदर्शिता और निगरानी की प्रक्रिया वार्ता के अहम विषयों में से एक होगी।
ओमान फिर निभाएगा मध्यस्थ की भूमिका
ओमान शनिवार को होने वाली इस अहम वार्ता में एक बार फिर मध्यस्थ के रूप में शामिल होगा। बताया गया है कि ओमान के विदेश मंत्री ने मस्कट में आयोजित पहले चरण की बातचीत में भी दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। ओमान की तटस्थ भूमिका को लेकर दोनों पक्षों में भरोसा बना हुआ है।








