
- डील पर लंबे समय से चल रही थी बातचीत, वॉशिंगटन में हुआ समझौता
- संयुक्त निवेश फंड से यूक्रेन को मिलेगा आर्थिक पुनर्निर्माण का सहारा
- यूक्रेनी पीएम ने कहा- संसाधनों पर हमारा पूरा नियंत्रण रहेगा
वाशिंगटन। यूक्रेन और अमेरिका के बीच बुधवार को बहुप्रतीक्षित मिनरल डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका को यूक्रेन के प्रमुख खनिज परियोजनाओं में विशेष पहुंच मिलेगी, जबकि इसके बदले अमेरिका यूक्रेन के पुनर्निर्माण में निवेश करेगा। दोनों देशों ने इस सहयोग के तहत एक जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड स्थापित करने का भी फैसला लिया है, जिससे यूक्रेन की युद्धबाधित अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया जा सकेगा।
50-50 निवेश से तैयार होगा संयुक्त फंड
यूक्रेनी इकोनॉमी मिनिस्ट्री के अनुसार, अमेरिका इस फंड में सीधे निवेश या सैन्य सहायता के माध्यम से अपना योगदान देगा, जबकि यूक्रेन अपने प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली आय का 50% हिस्सा इस फंड में डालेगा। फंड की राशि अगले दस वर्षों तक केवल यूक्रेन में ही निवेश की जाएगी। इसके बाद उत्पन्न लाभ को दोनों देशों के बीच साझा किया जा सकेगा।
यूक्रेन का दावा- संसाधनों पर रहेगा हमारा नियंत्रण
यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस शमिहाल ने टेलीग्राम पोस्ट में कहा कि इस डील से यूक्रेन अपनी धरती के संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखेगा और दोनों देशों को फंड में समान वोटिंग अधिकार मिलेंगे। उन्होंने बताया, “इस समझौते के जरिए हम बड़ी मात्रा में निवेश हासिल करेंगे, आर्थिक विकास को गति देंगे और अमेरिका जैसी महाशक्ति से अत्याधुनिक तकनीक तक पहुंच पाएंगे।”








