
अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कंस्ट्रक्शन डिवीजन की लगभग 40 करोड़ रुपये की निविदाओं में कथित घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि अधिशासी अभियंता ने निविदा प्रक्रिया में हॉट मिक्स प्लांट की अनिवार्य शर्त जोड़कर करीब 200 ठेकेदारों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर दिया।
कंस्ट्रक्शन डिवीजन, PWD ने कुल 128 कार्यों के लिए निविदाएं जारी की थीं। 16 फरवरी 2026 को शुद्धि पत्र (पत्रांक 206/9A-निविदा) जारी कर हॉट मिक्स प्लांट की अनिवार्य शर्त जोड़ दी गई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह शर्त केवल चुनिंदा 8 फर्मों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगाई गई थी।
नियमों का कथित उल्लंघन
ठेकेदारों का कहना है कि यह कदम प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, PWD लखनऊ के 16 अक्टूबर 2020 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। इन निर्देशों के अनुसार हॉट मिक्स प्लांट की शर्त केवल 75 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्यों में ही लागू होती है। इसके बावजूद कई छोटी निविदाओं में भी यह शर्त लागू कर दी गई।
शिकायत में अधीक्षण अभियंता और कुछ फर्मों के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं। ठेकेदारों का दावा है कि इस कदम से शासन को वित्तीय नुकसान होने की संभावना है और प्रतिस्पर्धा समाप्त हो रही है। आम तौर पर ई-टेंडर प्रक्रिया में दरें 20 प्रतिशत तक कम हो जाती हैं, लेकिन इस शर्त के कारण सामान्य प्रतिस्पर्धा बाधित हुई है।
जिलाधिकारी से ठेकेदारों की मुलाकात
सोमवार को ठेकेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने निविदा में हॉट मिक्स प्लांट शर्त, शुद्धि पत्र की वैधता और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के संबंध में शिकायत की।








