- विभागीय कार्रवाई की तैयारी, निर्माण कार्य में हुई देरी पर उठे सवाल
- जाफरगंज विद्युत उपकेंद्र: गर्मी में बढ़ी बिजली संकट की गंभीरता
- एनसीसी संस्था ने आश्वासन दिया, निर्माण कार्य में अब तेजी लाई जाएगी
अम्बेडकरनगर। जाफरगंज विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था जो 50 से अधिक गांवों और 20 हजार से अधिक कनेक्शनधारकों को बिजली सप्लाई करती है, अब भी अधूरी 33 केवीए विद्युत लाइन के सहारे चल रही है। एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी 14 किलोमीटर लंबी लाइन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
गर्मी में बढ़ती समस्याएं, बिजली की मांग में हो रही बढ़ोतरी
गर्मी के आगमन के साथ, बिजली की खपत में वृद्धि हो रही है, जिससे लाइन ओवरलोड हो जाती है। इससे आए दिन तार टूटने, लो-वोल्टेज और इंसुलेटर खराबी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ये समस्याएं अब और गंभीर रूप ले चुकी हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य में देरी पर कार्रवाई की चेतावनी
अधिकारियों ने निर्माण कार्य में देरी को लेकर कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया है। यदि अगले दो माह में काम पूरा नहीं होता, तो विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
एनसीसी संस्था का जवाब, कार्य में तेजी लाने का आश्वासन
एनसीसी संस्था के प्रभारी धनेश सिंह ने कहा कि किसानों की फसल के कारण कार्य अस्थायी रूप से रुका था, लेकिन अब निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है और जल्द ही काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का बिजली संकट बढ़ा, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
कई गांवों के उपभोक्ताओं ने बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर चिंता जताई है। उन्हें पंखा, कूलर और मोटर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका जीवन कठिन हो रहा है। एक साल में 14 किलोमीटर की लाइन का निर्माण न हो पाना प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है।








