
अम्बेडकरनगर।अकबरपुर नगर क्षेत्र में जर्जर बिजली के तार लोगों के लिए खतरे की घंटी बनते जा रहे हैं। खासतौर पर पटेल नगर बस स्टेशन से लेकर पुरानी तहसील तिराहे तक सड़क के दोनों ओर लगे खंभों पर हाईटेंशन और लो वोल्टेज तार एक साथ झूलते नजर आ रहे हैं। विद्युत विभाग की लापरवाही और अंडरग्राउंड केबलिंग योजना की देरी से आमजन में रोष बढ़ता जा रहा है।
हाईटेंशन तारों का खतरा सिर पर, हादसों की अनदेखी
शहर के बीचोंबीच 11 हजार वोल्ट और 440 वोल्ट की लाइनें एक ही पोल से होकर गुजर रही हैं। खंभों से लटकते तार, खुले कनेक्शन और खराब इंसुलेशन वाले जॉइंट लगातार हादसे को दावत दे रहे हैं। बारिश के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी अनिल गुप्ता ने बताया, “हर रोज डर के साये में गुजरना होता है। बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लगता है कि कहीं कोई तार गिर न जाए।”
पुराने तारों से हो रही आपूर्ति, अंडरग्राउंड योजना अधर में
शहर में वर्षों से चल रही अंडरग्राउंड केबल बिछाने की योजना अब तक लागू नहीं हो पाई है। परिणामस्वरूप अभी भी कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति पुराने, टूटे और जर्जर तारों से की जा रही है।
विद्युत विभाग ने अंडरग्राउंड लाइनिंग के लिए पहले डीपीआर तैयार कर भेजने की बात कही थी, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ।








