दिग्विजय सिंह ने मंच पर बैठने का तरीका बदलने का लिया फैसला

  • दिग्विजय सिंह की मंच पर बैठने से जुड़ी नई रणनीति
  • कांग्रेस की गाइडलाइन के बावजूद मंच विवाद
  • कांग्रेस नेताओं की संविधान बचाओ रैली में गहराई से आक्षेप

ग्वालियर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज एक सार्वजनिक रैली में चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अब किसी भी कार्यक्रम के मंच पर नहीं बैठेंगे, बल्कि नीचे बैठकर ही भाषण देंगे। उन्होंने पार्टी के नेताओं से “मंच की लड़ाई” खत्म करने की अपील की।

मंच की लड़ाई बंद करो

दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर के फूलबाग मैदान में आयोजित “संविधान बचाओ रैली” को संबोधित करते हुए कहा,“मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि मंच की लड़ाई समाप्त करें। मैं अब कांग्रेस या किसी भी मंच पर नहीं बैठूंगा। नीचे बैठ जाऊंगा। जब बोलने का मौका आए, तब मुझे बुला लिया जाए।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग मंच की व्यवस्था करते हैं, वे पीछे रह जाते हैं, और दूसरे लोग मंच पर चढ़ जाते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है।”

कांग्रेस की गाइडलाइन हुई नजरअंदाज

दरअसल, कांग्रेस ने हाल ही में एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि मंच पर केवल वक्ता ही बैठेंगे। लेकिन ग्वालियर रैली में इसका पालन नहीं हुआ, जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने यह बयान दिया।

पहलगाम हमले को दी श्रद्धांजलि

रैली से पहले कांग्रेस नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए लोगों को मौन रहकर श्रद्धांजलि दी।

जीतू पटवारी ने सिंधिया पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा, “सिंधिया ने विधायकों को दल बदलवाकर चुनी हुई सरकार गिराई। आज वही संविधान उन्हें मंत्री बनने का अधिकार देता है, लेकिन वे गरीबों की जमीन हड़प रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सिंधिया मोतीमहल की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं, जबकि उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने यह जमीन शैक्षणिक संस्थाओं को दान में दी थी।

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