तिरुपति मंदिर में सिल्क दुपट्टा और लड्डू प्रसाद में घोटाला
आंध्र प्रदेश। तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में प्रसाद के तौर पर दिए जाने वाले सिल्क दुपट्टों और लड्डू में घोटाले का मामला सामने आया है। NDTV की रिपोर्ट के…
मनी लॉन्ड्रिंग के पुराने केस में प्रवर्तन निदेशालय ने की सख्त कार्रवाई
जगन रेड्डी की कंपनियों के 27.5 करोड़ रुपए के शेयर जब्त
DCBL की सैकड़ों करोड़ की संपत्ति भी ईडी की रडार पर
हैदराबाद। प्रवर्तन निदेशालय ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के पुराने केस में ईडी ने रेड्डी की तीन कंपनियों में 27.5 करोड़ रुपए के निवेश और डालमिया सीमेंट की लगभग 377 करोड़ रुपए की जमीन को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई उस कथित ‘क्विड प्रो क्वो’ सौदे से जुड़ी है, जिसमें रेड्डी पर सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे थे।
हैदराबाद में ईडी की टीम ने रेड्डी की कंपनियों — कार्मेल एशिया होल्डिंग्स, सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और हर्षा फर्म — में निवेश को जांच के दायरे में लेकर कार्रवाई की। मामले की जड़ 2011 की उस सीबीआई जांच में है, जिसमें आरोप है कि रेड्डी के प्रभाव से डालनिया सीमेंट को खनन लीज दिलाई गई, बदले में उसकी कंपनी को भारी निवेश मिला।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि जगन और अन्य ने रघुराम सीमेंट के शेयर फ्रांस की कंपनी को बेचे, जिसमें 55 करोड़ रुपए हवाला के जरिए नकद में मिले थे। ये खुलासे इनकम टैक्स रेड के दौरान सामने आए दस्तावेजों से हुए।
राजनीतिक तकरार भी इस कार्रवाई के केंद्र में है। जून 2024 में रेड्डी के पार्टी ऑफिस पर CRDA ने बुलडोजर चलवाया था। इससे पहले उनके घर के पास के अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई हुई थी। रेड्डी ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू पर तानाशाही के आरोप लगाए।
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