जनसेवा का हर कदम प्रशासन का परिचय – DM अविनाश सिंह

  • DM अविनाश सिंह का स्पष्ट संदेश – समाधान हो संवेदना और जिम्मेदारी के साथ
  • फीडबैक के आधार पर जनपदों की रैंकिंग, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
  • “हर शिकायत एक संवाद है, उसे अधूरा न छोड़ें” – जिलाधिकारी

अंबेडकरनगर – जिले में जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु रहा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा और समाधान की गुणवत्ता।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हर शिकायत केवल एक फॉर्म या फाइल नहीं है, बल्कि वह आवाज है जो शासन से न्याय की उम्मीद करती है।”

शिकायतों पर सतत निगरानी, रैंकिंग में हो रहा है मूल्यांकन

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की संवेदनशील शासन प्रणाली के तहत IGRS पर प्राप्त शिकायतों की न केवल मॉनिटरिंग होती है, बल्कि यादृच्छिक रूप से शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर संतुष्टि का मूल्यांकन किया जाता है। यही प्रक्रिया जनपदों की रैंकिंग तय करती है।

“शिकायतकर्ता को जवाब नहीं, भरोसा देना है”

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत को एक मिशन की तरह लें। उन्होंने दो टूक कहा, “समस्या का समाधान सिर्फ आंकड़ों की पूर्ति नहीं, बल्कि संवेदना के साथ न्याय की दिशा में ठोस कदम होना चाहिए। शिकायतकर्ता को यह अहसास दिलाना जरूरी है कि प्रशासन उसकी पीड़ा का सहभागी है।”

लक्ष्मण रेखा न लांघे विभाग: असंतोषजनक फीडबैक पर नाराज़गी

कुछ विभागों द्वारा असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि यदि भविष्य में सुधार नहीं दिखता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन की साख से जुड़ा है शिकायतों का समाधान

उन्होंने कहा, “जनशिकायतें प्रशासन के लिए केवल जवाबदेही नहीं, बल्कि अवसर हैं – जनता के विश्वास को जीतने का। यदि हम एक भी शिकायत को हल्के में लेते हैं, तो यह शासन की मूल भावना से विमुख होना होगा।”

नवाचार और प्रशिक्षण पर भी दिया जोर

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों व विभागाध्यक्षों को IGRS के नवीन प्रावधानों का गहन अध्ययन करने और अधीनस्थों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि समाधान की प्रक्रिया सिर्फ तेज न हो, बल्कि नवाचारपूर्ण और प्रभावी भी हो।

उपस्थित रहे जिले के सभी प्रमुख अधिकारी

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त, राजस्व व न्यायिक), जिला विकास अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी समेत अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे और जिलाधिकारी के निर्देशों को संकल्प के रूप में अपनाया।

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