यूपी में सिंगल इलेक्टर रजिस्ट्रेशन (SIR) को लेकर हलचल लगातार बढ़ रही है। सपा समेत विपक्षी दल पूरी प्रक्रिया को भाजपा की साजिश बता रहे हैं और चुनाव आयोग पर जल्दबाजी में इसे लागू कराने का आरोप लगा रहे हैं। बढ़ते विरोध के बीच अब तक SIR ड्यूटी में लगे 4 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। वहीं गाजियाबाद में 21 BLO के खिलाफ लापरवाही को लेकर FIR भी दर्ज हुई है।
40 साल बाद गांव लौटा शख्स, SIR के लिए भरा फॉर्म
इसी बीच बरेली में एक अनोखा मामला सामने आया है। काशीपुर निवासी वेदराम के बेटे ओमप्रकाश, जो 15 साल की उम्र में घर छोड़कर दिल्ली चले गए थे और बाद में इस्लाम धर्म अपनाकर सलीम बन गए, SIR प्रक्रिया में फॉर्म भरने 40 साल बाद अपने गांव लौट आए।
पहले ग्रामीणों को उनकी पहचान पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन पुष्टि के बाद गांव वालों ने फूल-मालाओं, बैंड-बाजे और जुलूस के साथ उनका स्वागत किया।
मतदान केंद्र बने स्कूलों का समय बदला
कानपुर देहात में BSA अजय कुमार मिश्र ने आदेश जारी किया है कि जिन स्कूलों को मतदान केंद्र बनाया गया है, वे अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। यह बदलाव विशेष रूप से उन विद्यालयों के लिए है जहां SIR से जुड़े निर्वाचन कार्य चल रहे हैं।
लखनऊ में सपा की नई होर्डिंग से BJP पर निशाना
राजधानी लखनऊ में सपा कार्यालय के पास नई होर्डिंग लगाई गई है, जिसमें मोहम्मद इखलाक की ओर से नोटबंदी, किसान कानून, कोविड और SIR का हवाला देकर भाजपा पर सवाल उठाए गए हैं।
होर्डिंग में लिखा है—
“SIR ड्यूटी—कर्मचारियों की मजबूरी।
काम के दबाव में 10 से ज्यादा BLO की जान गई।
ये सिर्फ आंकड़ा नहीं… हर संख्या के पीछे एक परिवार का उजड़ना है।”








