
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 1.42 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। अब शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए महीने मिलेंगे। इससे पहले शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपए ही मिलते थे।
पृष्ठभूमि:
- यूपी में शिक्षामित्रों की नियुक्ति 2001 से शुरू हुई।
- सपा सरकार ने 2013-14 में उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2015 में समायोजन रद्द किया, सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में पुष्टि की।
- 1.72 लाख सहायक अध्यापक फिर शिक्षामित्र बने, वेतन घटकर 3500 रुपए हुआ।
- आंदोलन के बाद मानदेय बढ़कर 10 हजार और सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता मिली।
- 2019 में 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती, शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट और बोनस अंक मिले।
लाभ:
- शिक्षामित्र और अनुदेशक अब सही मानदेय प्राप्त करेंगे।
- प्रदेश में शिक्षा कर्मचारियों की स्थिति में सुधार।







