
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक ‘बड़ी ट्रेड डील’ हो सकती है। व्हाइट हाउस में ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ नामक इवेंट के दौरान ट्रम्प ने कहा कि जैसे अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार समझौता किया है, वैसे ही भारत के साथ भी बड़ा समझौता होने वाला है।
ट्रम्प ने कहा, “हम हर किसी के साथ डील नहीं करेंगे, कुछ को सिर्फ चिट्ठी भेज देंगे कि 25%, 35%, 45% टैरिफ देना होगा। लेकिन भारत के साथ एक बड़ी डील की तैयारी है।”
जुलाई तक पहले चरण के पूरा होने की उम्मीद
ट्रम्प प्रशासन ने हाल ही में करीब 100 देशों पर टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की थी। भारत पर 26% टैरिफ लगाया गया, लेकिन 9 अप्रैल को इसे 90 दिनों के लिए टाल दिया गया। माना जा रहा है कि इसी अवधि में भारत-अमेरिका डील का पहला चरण जुलाई 2025 तक पूरा हो सकता है।
इंडस्ट्री और कृषि सेक्टर में बाजार पहुंच, टैरिफ में छूट पर फोकस
डील को लेकर अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस के अधिकारियों ने की, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल कर रहे थे। बातचीत में इंडस्ट्री, कृषि उत्पाद, टैरिफ में कटौती और नॉन-टैरिफ बैरियर्स मुख्य मुद्दे रहे।
दोनों देश इस डील के जरिए द्विपक्षीय व्यापार को 190 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर (2030 तक) पहुंचाना चाहते हैं।
पीयूष गोयल बोले- निष्पक्ष और संतुलित समझौते की ओर बढ़ रहे हैं
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 10 जून को कहा, “हम एक निष्पक्ष, बराबरी वाला और संतुलित व्यापार समझौता चाहते हैं। यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा होगा और कारोबार को बढ़ावा देगा।”
उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में पीएम मोदी और ट्रम्प की मुलाकात में इस समझौते पर चर्चा हुई थी और इसके बाद से बातचीत तेज हो गई है।
भारत की चिंता: कृषि और ऑटो सेक्टर को लेकर सतर्कता
भारत इस डील को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका मक्का और सोयाबीन जैसे कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने की मांग कर रहा है। लेकिन भारत जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलों के लिए बाजार खोलने में हिचकिचा रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि “सब कुछ तय होने तक कुछ भी तय नहीं है।” उन्होंने ट्रम्प के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि भारत ने ‘कोई टैरिफ नहीं’ लगाने का ऑफर दिया है।
ट्रम्प की चेतावनी: नई डील नहीं हुई तो 8 जुलाई से लागू होंगे 26% टैरिफ
ट्रम्प ने दो अप्रैल को 100 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। 9 अप्रैल को चीन को छोड़कर सभी देशों के लिए इसे 90 दिनों के लिए टाल दिया गया। यदि भारत के साथ डील नहीं होती, तो 8 जुलाई से 26% टैरिफ लागू हो सकता है।
अमेरिका ने जताई व्यापार घाटे पर चिंता
वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट (आयात-निर्यात का अंतर) 41.18 बिलियन डॉलर रहा। पिछले कुछ वर्षों में यह लगातार बढ़ता गया है:
2023-24: 35.32 बिलियन डॉलर
2022-23: 27.7 बिलियन डॉलर
2021-22: 32.85 बिलियन डॉलर
2020-21: 22.73 बिलियन डॉलर
अमेरिका ने इस बढ़ते घाटे पर चिंता जताई है और इसे डील के एजेंडे में शामिल किया है।








