
- भारत से पहले व्यापार समझौते की उम्मीद
- ट्रंप प्रशासन से व्यापार वार्ता में प्रमुख साझेदार
- व्यापार समझौतों के लिए समय बढ़ाने का फैसला
वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता अब नई दिशा में बढ़ती दिख रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में यह घोषणा की कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने वाला पहला देश भारत होगा, जिसका मतलब है कि भारत से व्यापारिक रिश्तों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बेसेंट ने एक कार्यक्रम में यह भी बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अन्य देशों के साथ व्यापार वार्ताओं में प्रगति हो रही है। उन्होंने एशियाई साझेदारों के साथ रिश्तों में मजबूती की बात की, जिसमें भारत का उल्लेख विशेष रूप से किया गया। भारत, जैसा कि उन्होंने कहा, पहले ऐसे देश के रूप में सामने आ सकता है, जिसके साथ अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने व्यापार वार्ता के बारे में अधिक जानकारी साझा करते हुए कहा कि चीन पर दबाव बनाए रखने की आवश्यकता है, क्योंकि चीन अमेरिका से ज्यादा वस्तुएं निर्यात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के साथ व्यापारिक तनावों को हल करना जरूरी है, ताकि टैरिफ का बोझ संतुलित किया जा सके।
ट्रंप प्रशासन के टैरिफ निर्णय और भारत का संभावित व्यापार समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अप्रैल में भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का आदेश दिया था, जिसका असर व्यापारिक रिश्तों पर पड़ा। हालांकि, इन टैरिफ में संशोधन भी किया गया है, और अब भारत से पहले व्यापार समझौता होने की संभावना जताई जा रही है।








