
- 786 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे
- मेडिकल वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने का समय मिला
- 14 प्रकार के पाकिस्तानी वीजा रद्द किए गए, जिनमें बिजनेस और जर्नलिस्ट वीजा शामिल
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 27 अप्रैल को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने उन सभी नागरिकों को भारत छोड़ने का निर्देश दिया, जिनके पास वैध वीजा नहीं है। इस आदेश के तहत, पाकिस्तान से भारत आने वाले नागरिकों को 29 अप्रैल तक अपने देश वापस लौटने के लिए कहा गया था। अगर किसी ने तय समय में देश नहीं छोड़ा, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें तीन साल की सजा या 3 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
पाकिस्तानी नागरिकों के लिए जारी आदेश के मुताबिक, 24 से 29 अप्रैल तक करीब 786 नागरिक अटारी-वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान वापस लौट चुके हैं। वहीं, 28 अप्रैल तक एक हजार से अधिक भारतीय नागरिक पाकिस्तान से वापस लौट चुके थे। मेडिकल वीजा धारकों को भी 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने का समय दिया गया था। इसके बाद, उन नागरिकों को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया, जिनके वीजा की वैधता समाप्त हो गई थी।
भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए विभिन्न प्रकार के वीजा रद्द कर दिए थे, जिनमें 14 वीजा श्रेणियां शामिल थीं, जैसे बिजनेस वीजा, जर्नलिस्ट वीजा, छात्र वीजा और पिलग्रिम वीजा। इसके अलावा, डिफेंस और नेवी के पाकिस्तान हाई कमीशन के डिप्लोमैट्स को ‘अनवांछित व्यक्ति’ घोषित किया गया है, जिन्हें 30 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।
गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से संबंधित कुछ संदिग्ध नागरिकों की गिरफ्तारी की खबरें आई हैं। इनमें बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है, जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे। राजस्थान के








