
कम ब्याज दरों पर लोन: भारत का हथियार निर्यात बढ़ाने के लिए नया वित्तीय मॉडल
भारत ने रूस के पुराने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी रक्षा कूटनीति में बदलाव किया
EXIM बैंक के ज़रिए भारत ने 20 देशों में अपने रक्षा उत्पादों की आपूर्ति बढ़ाने की रणनीति बनाई
नई दिल्ली। भारत अब सिर्फ हथियारों का सबसे बड़ा आयातक नहीं, बल्कि एक आक्रामक निर्यातक बनने की राह पर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब हथियार खरीदने वाले देशों को सस्ते और लंबी अवधि के कर्ज देने की पेशकश कर रहा है। खासतौर पर वे देश टारगेट पर हैं, जो अब तक रूस से हथियार खरीदते रहे हैं, लेकिन रूस के यूक्रेन युद्ध में उलझने के बाद नए विकल्प की तलाश में हैं। सरकार भारत एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM Bank) के ज़रिए इन देशों को लोन मुहैया करा रही है, ताकि वे भारतीय हथियार खरीद सकें। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये लोन कम ब्याज दरों पर और लंबी अवधि के लिए होंगे, जिससे राजनीतिक अस्थिरता या कमजोर क्रेडिट रेटिंग वाले देशों को भी फायदा मिल सके।
EXIM बैंक के ज़रिए क्यों बांटा जा रहा लोन?
दरअसल, भारत के पारंपरिक बैंक हथियार खरीद के लिए लोन देने से बचते हैं, खासकर उन देशों को जहां राजनीतिक जोखिम ज्यादा है। EXIM बैंक को खासतौर पर ऐसे सौदों को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। एक भारतीय राजनयिक के अनुसार, लोन न देने की वजह से भारत अब तक फ्रांस, चीन और तुर्की जैसे देशों से पीछे रहा है, जो आक्रामक तरीके से लोन और हथियार दोनों ऑफर करते हैं। इसी रण








