नई दिल्ली। हाल ही में सेबी (Securities and Exchange Board of India) ने डिजिटल गोल्ड के निवेशकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। सवाल उठता है कि जिनका पहले से डिजिटल गोल्ड में निवेश है, उन्हें अब क्या करना चाहिए और सोने में निवेश के और क्या ऑप्शन्स हैं।
डिजिटल गोल्ड क्या है?
डिजिटल गोल्ड सोने का डिजिटल रूप है, जिसे मोबाइल एप्स के जरिए खरीदा जा सकता है। कंपनियां जितना डिजिटल गोल्ड बेचती हैं, उतना ही फिजिकल गोल्ड थर्ड-पार्टी वॉल्ट में रखती हैं। यह निवेश SIP की तरह इंस्टॉलमेंट में भी किया जा सकता है।
भारत में डिजिटल गोल्ड 2012 में ऑगमॉन्ट ने शुरू किया। इसका उद्देश्य था कि छोटे निवेशक भी 1 रुपए से सोना खरीद सकें। इसके बाद MMTC-PAMP ने सरकारी और स्विस पार्टनरशिप के जरिए डिजिटल गोल्ड मार्केट में बड़ा योगदान दिया।
रेगुलेशन की स्थिति:
SEBI इसे सिक्योरिटी या कमोडिटी डेरिवेटिव नहीं मानता और RBI इसे बैंकिंग या डिपॉजिट प्रोडक्ट नहीं मानता। इसलिए डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म अभी अपने ट्रस्ट पर चलता है और निवेशकों को इसके जोखिम का ध्यान रखना होता है।
निवेशकों के लिए विकल्प:
- अगर आपके पास पहले से डिजिटल गोल्ड है तो घबराने की जरूरत नहीं है। अभी भी इसका डिलीवरी विकल्प उपलब्ध है।
- आप चाहें तो इसे बेचकर रेगुलेटेड गोल्ड प्रोडक्ट या अन्य निवेश ऑप्शन्स में शिफ्ट कर सकते हैं।
- प्लेटफॉर्म भरोसेमंद हो तो आप डिजिटल गोल्ड रखते हुए भी जोखिम संभाल सकते हैं।
डिजिटल गोल्ड का मार्केट 2021 में 5,000 करोड़ रुपए का था, जो अब 13,800 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।








