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हाई सिक्योरिटी बैरक से अब सीधे नए गेट से अस्पताल भेजा जाएगा
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मुलाकात न हो पाए, इसीलिए मुख्य गेट को बंद कर नया मार्ग तैयार
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अली अहमद ने जुलाई 2022 में किया था सरेंडर, तभी से नैनी जेल में है बंद
प्रयागराज। प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद अली अहमद, जो कि माफिया अतीक अहमद का बेटा है, अब अपनी हाई सिक्योरिटी बैरक से अस्पताल भी सीधे जाएगा, ताकि अन्य बंदियों से मुलाकात न कर सके। जेल प्रशासन ने इस कदम के तहत नए सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिससे अली को किसी भी बंदी से बातचीत का मौका न मिले।
अली अहमद, जो उमेश पाल हत्याकांड और अन्य गंभीर मामलों में आरोपी है, अब जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में पूरी तरह से निगरानी में रहेगा। पहले, जब भी उसे अस्पताल जाना होता था, तो वह अपने साथी बंदियों से मुलाकात कर लेता था, जिससे जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
इससे निपटने के लिए, जेल प्रशासन ने अस्पताल के पास एक नया गेट खोल दिया है, ताकि अली सीधे अपनी बैरक से अस्पताल जा सके और किसी से भी मिल न सके। इसके अतिरिक्त, अली को 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में रखा जाएगा, और उसकी गतिविधियों की मॉनिटरिंग प्रयागराज और लखनऊ मुख्यालय से की जाएगी।
इससे पहले, अली ने डीआईजी जेल से एलईडी टीवी की मांग की थी, जिसे ठुकरा दिया गया था। अब उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि जेल प्रशासन ने उसकी हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखना शुरू कर दिया है।







