अकबरपुर (अम्बेडकरनगर)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बीएनकेबी पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को “वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम” विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर शुचिता पांडेय ने की। कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने वेबिनार में सहभागिता दर्ज की।
वित्तीय साक्षरता बढ़ेगी तो बदलेंगे विकास के पैमाने
वेबिनार के संयोजक प्रोफेसर सिद्धार्थ पांडेय ने कहा कि देश में सामान्य साक्षरता दर बढ़ रही है, लेकिन वित्तीय साक्षरता अभी भी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा कि जब अधिक से अधिक लोग वित्तीय रूप से सक्षम होंगे, तभी देश विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर तेजी से बढ़ सकेगा।
उन्होंने बताया कि वित्तीय ज्ञान न केवल व्यक्ति की आर्थिक मजबूती का आधार बनता है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य वक्ता ने बताया—वित्तीय साक्षरता क्यों जरूरी
मुख्य वक्ता के रूप में शामिल सेबी के स्मार्ट ट्रेनर डॉ. अजीत कुमार मौर्य ने वित्तीय साक्षरता को जीवन का अनिवार्य कौशल बताया। उन्होंने कहा कि सही वित्तीय जानकारी व्यक्ति को अपने धन का प्रबंधन करने, जोखिम को समझने, सुरक्षित भविष्य की योजना बनाने और निवेश के सही विकल्प चुनने में सक्षम बनाती है।
डॉ. मौर्य ने प्रतिभागियों को कई प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी दी—
वित्तीय नियोजन की तकनीक
जोखिम और लाभ का संबंध
वित्तीय उत्पादों की श्रेणियाँ
म्यूचुअल फंड का संचालन
धोखाधड़ी एवं स्कैम से बचाव
निवेश से जुड़े कानूनी प्रावधान
उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट (NISM) विभिन्न कोर्स उपलब्ध कराता है, जिनकी मदद से मार्केटिंग और वित्तीय क्षेत्र में उज्ज्वल कैरियर बनाया जा सकता है।








