
कानपुर: कानपुर में एक चौंकाने वाला किडनी कांड सामने आया है। जानकारी के अनुसार, MBA स्टूडेंट आयुष की किडनी किसी डॉक्टर ने नहीं, बल्कि ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी ने निकाली थी। इसी टेक्नीशियन ने पहले पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट भी किया था।
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मुदस्सर अली दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा, लेकिन वह फरार मिला। जिस मेडिलाइफ हॉस्पिटल में वह काम करता था, उसके तीनों मालिक भी फरार हैं।
पुलिस की जांच में मेरठ के तीन डॉक्टरों के नाम भी सामने आए हैं, जो डोनर और मरीजों का इंतजाम करते थे। अब तक इस केस में कुल 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
ऑपरेशन में शामिल दो अन्य ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार को शुक्रवार को जेल भेजा गया। पूछताछ में दोनों ने मुदस्सर अली का नाम सामने रखा।
मुदस्सर अली की पत्नी ने बताया कि उनका पति केवल एक ओटी स्टाफ हैं, डॉक्टर नहीं। कानपुर पुलिस अभी भी मुदस्सर अली की तलाश में जुटी हुई है।
यह मामला स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी लापरवाही और अवैध किडनी ट्रांसप्लांट की गंभीरता को उजागर करता है।







