
लखनऊ। Lucknow में LGBTQIA समुदाय के करीब 500 लोग ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल-2026 के विरोध में सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने Begum Hazrat Mahal Park से विधानसभा की ओर मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें पार्क के पास ही रोक दिया। इस दौरान ‘काला बिल वापस लो’ और ‘मेरी बॉडी, मेरी मर्जी’ जैसे नारे गूंजते रहे, जिससे इलाके में काफी देर तक माहौल गर्म रहा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बिल के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पहचान को लेकर ऐसे नियम लागू कर रही है, जो उनके अधिकारों और आत्मसम्मान के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि अगर डॉक्टरों द्वारा जांच के आधार पर किसी को ट्रांसजेंडर घोषित किया जाएगा, तो यह उनकी व्यक्तिगत पहचान और भावनाओं का अपमान होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “सेक्स सबके पास है, लेकिन पहचान फीलिंग से तय होती है, और उसी के आधार पर हम खुद को परिभाषित करते हैं।”
समुदाय के लोगों ने चेतावनी दी कि वे इस संशोधन को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे और इसके खिलाफ देशभर में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अगला बड़ा प्रदर्शन 6 अप्रैल को Jantar Mantar पर किया जाएगा, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग शामिल होंगे।
विवादित संशोधन के अनुसार, जो लोग अपनी यौन अभिवृत्ति (सेक्सुअल ओरिएंटेशन) या जेंडर पहचान को स्वयं तय करते हैं, उन्हें ट्रांसजेंडर की श्रेणी में नहीं माना जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह प्रावधान उनकी पहचान को सीमित करता है और समुदाय के कई लोगों को अधिकारों से वंचित कर सकता है।








