लखनऊ। राजधानी में रविवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया। उन्नाव के असीमन गांव का एक परिवार पेट्रोल लेकर सामूहिक आत्महत्या करने लखनऊ पहुंचा। परिवार के 12 सदस्य—जिनमें 6 नाबालिग शामिल थे—सीएम आवास की ओर बढ़ रहे थे। लालबत्ती चौराहे पर पुलिस चेकिंग के दौरान शक होने पर उनकी तलाशी ली गई, जिसमें पेट्रोल की बोतलें मिलीं। इसके बाद पुलिस सभी को हिरासत में लेकर गौतमपल्ली थाने ले गई।
परिवार बोला—हम पर लगातार झूठे केस करवाए जा रहे हैं
असीमन गांव के निवासी कप्तान यादव ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी गांव का एक परिवार उन्हें लगातार झूठे मुकदमों में फंसा रहा है।
उन्होंने कहा—
- “3 महीने पहले हम पर SC-ST एक्ट में फर्जी केस लगा दिया गया।
- शराब पिलाकर भी झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जाते हैं।
- कई बार अफसरों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।”
इससे परेशान होकर परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का निर्णय लिया था।
परिवार के खिलाफ दर्ज FIR में छेड़खानी व मारपीट के गंभीर आरोप
परिवार के दो लड़कों—रोहित यादव और सरोज यादव—पर शनिवार को एक व्यक्ति ने अपनी 16 वर्षीय बेटी से छेड़खानी और हमले का आरोप लगाते हुए FIR कराई है। FIR में पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—
- बेटी खेत की ओर गई थी, जहां दोनों युवक पहले से मौजूद थे।
- दोनों ने गलत नीयत से पकड़कर जबरदस्ती की कोशिश की।
- विरोध करने पर लड़की के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया।
- शोर सुनकर परिवार पहुंचा तो आरोपी यूकेलिप्टस खेत में भागे।
इसके बाद मारपीट का आरोप भी लगाया गया है। FIR में लिखा है कि आरोपी युवकों के परिजन और अन्य लोग मौके पर आए और परिवार को लात-घूंसों से पीटा।
ग्रामीणों ने किसी तरह पीड़ितों को बचाया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि एक नेता के फोन पर पुलिस बिना कार्रवाई लौट गई, जिससे भय का माहौल बना हुआ है।
पुलिस कर रही जांच
लालबत्ती चौराहे पर पकड़े जाने के बाद पुलिस ने सभी 12 लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार—
- FIR की भी जांच चल रही है
- दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं
- आत्महत्या की कोशिश और पेट्रोल लाने के मामले में भी कार्रवाई तय होगी







