
अम्बेडकरनगर। एनटीपीसी टांडा ने अपने नैगमिक सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के अंतर्गत मेगा नेत्र जांच एवं निःशुल्क मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन परियोजना प्रमुख जयदेव परिदा ने किया। इस अवसर पर गरिमा महिला मंडल की अध्यक्षा संघमित्रा परिदा भी उपस्थित रहीं।
शिविर का आयोजन 23 एवं 24 फरवरी को किया जा रहा है। इन दो दिनों में मरीजों की नेत्र जांच, परामर्श और आवश्यक परीक्षण किए जाएंगे। चयनित मरीजों की मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा 25 से 27 फरवरी तक महमाया राजकीय मेडिकल कॉलेज में निःशुल्क की जाएगी।
पहले दिन 150 मरीजों ने कराया पंजीकरण
शिविर के पहले दिन 150 मरीजों ने पंजीकरण कराया। बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने नेत्र परीक्षण करवाया। स्वास्थ्य टीम द्वारा मरीजों की दृष्टि जांच, मोतियाबिंद की पहचान तथा अन्य नेत्र रोगों का परीक्षण किया गया।
एनटीपीसी टांडा के अधिकारियों के अनुसार, शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। आसपास के गांवों में जागरूकता के लिए पूर्व सूचना दी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप पहले ही दिन उल्लेखनीय संख्या में लोग पहुंचे।
चयनित मरीजों की होगी निःशुल्क सर्जरी
दो दिवसीय जांच के बाद जिन मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि होगी, उनकी शल्य चिकित्सा 25 से 27 फरवरी के बीच मेडिकल कॉलेज में की जाएगी। पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी, जिसमें जांच, ऑपरेशन और आवश्यक परामर्श शामिल है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर मोतियाबिंद की पहचान और उपचार से दृष्टि हानि को रोका जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण कई लोग उपचार में देरी कर देते हैं, जिससे समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में इस तरह के शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।








