
- चंद्रग्रहण सूतक काल शुरू होने से बदला गंगा आरती का समय
- 34 साल में पांचवीं बार दिन में हुई मां गंगा की आरती
- काशी विश्वनाथ मंदिर में भी दर्शन-पूजन रहेगा बंद
वाराणसी। इस साल का अंतिम चंद्रग्रहण 7 सितंबर को लगने जा रहा है। ग्रहण सूतक काल रविवार दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा। इसके चलते वाराणसी में शाम की नियमित गंगा आरती का समय बदल दिया गया है। गंगा सेवा निधि ने घोषणा की है कि इस बार आरती दोपहर 12 बजे संपन्न होगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों की आरती और पूजा-पाठ के समय में भी बदलाव किया गया है। सूतक काल शुरू होते ही मंदिर दर्शन बंद कर दिए जाएंगे और चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद ही पंचामृत स्नान व विधि-विधान के बाद मंदिरों के पट खोले जाएंगे।
गंगा सेवा निधि के सुशांत मिश्र ने बताया कि सुबह की आरती अपने तय समय सूर्योदय पर होगी, जबकि शाम की जगह दिन में विशेष आरती की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह 34 साल में पांचवीं बार है, जब मां गंगा की आरती दिन के समय आयोजित हो रही है। इससे पहले 2017, 2018, 2019 और 2023 में चंद्रग्रहण के कारण ऐसा हुआ था।
इस बार बाढ़ के कारण आरती दशाश्वमेध घाट के मुख्य स्थल की छत पर होगी। आयोजकों का कहना है कि परंपराओं का पूरी तरह पालन करते हुए आरती संपन्न कराई जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल और चंद्रग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सूतक काल की मर्यादा का पालन करें और निर्धारित समय के अनुसार ही मंदिर दर्शन करें।








