
- अंसल एपीआई पर सरकारी जमीन बेचने और धोखाधड़ी के आरोप
- शासन ने मंडलायुक्त की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय जांच समिति बनाई
- LDA की 411 एकड़ जमीन बंधक होने के बावजूद बेची गई
लखनऊ। राजधानी की शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई की हाई-प्रोफाइल टाउनशिप ‘सुशांत गोल्फ सिटी’ में धोखाधड़ी और सरकारी जमीन की अवैध बिक्री के मामले की अब आधिकारिक जांच शुरू हो गई है। शासन ने इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति की पहली बैठक 12 जून को बुलाई गई है।
दरअसल, अंसल एपीआई पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की 411 एकड़ जमीन को धोखे से बेचने का आरोप है, जबकि जमीन पहले से बंधक थी। LDA ने इस घोटाले के बाद कंपनी के निदेशक समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मामला मार्च में उछला था, जिसके बाद शासन ने अप्रैल में जांच के आदेश दिए थे।
5000 से अधिक खरीदारों की उम्मीदें टूटीं
गौरतलब है कि 25 फरवरी 2025 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने अंसल एपीआई को दिवालिया घोषित कर दिया था। कंपनी पर एक फाइनेंस कंपनी का 83 करोड़ रुपये बकाया था, जो समय पर चुकता नहीं किया गया। इस फैसले के बाद 5000 से अधिक मकान और प्लॉट खरीदने वाले लोग फंस गए हैं। उन्हें अब तक न तो घर मिला, न ही प्लॉट।
ग्रामसभा और सरकारी जमीन पर भी निर्माण
जांच में यह भी सामने आया है कि अंसल एपीआई ने जिन जमीनों पर निर्माण कार्य कराया, उन पर उसका मालिकाना हक नहीं था। ग्राम सभा और सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से विकास कार्य कराए गए। समिति अब यह भी जांच करेगी कि अधूरी टाउनशिप को पूरा करने में कितना खर्च आएगा।
LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सभी सदस्यों को बैठक की सूचना भेज दी है और स्पष्ट कर दिया है कि किन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करनी है। बैठक के बाद समिति अपनी रिपोर्ट अंतिम रूप से तैयार कर शासन को सौंपेगी।








