
- वाराणसी के वृद्धकाल मोहल्ले में सीवर जलभराव से 50 मकान प्रभावित
- सुबह-शाम वाटर सप्लाई के दौरान घरों में घुस रहा है गंदा पानी
- बच्चों को गोद में उठाकर बाहर निकालते हैं परिजन, बीमारियों का खतरा
वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्वच्छता का दावा करने वाला नगर निगम बुनियादी समस्या पर नाकाम साबित हो रहा है। शहर के हरतीरथ स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर जाने वाले रास्ते के बीच बसे वृद्धकाल मोहल्ले के 50 से अधिक मकानों में एक महीने से सीवर का गंदा पानी भर रहा है।
स्थानीय बुजुर्ग परमानंद ओझा का कहना है कि “जैसे ही सुबह और शाम वाटर सप्लाई का प्रेशर बढ़ता है, सीवर का पानी हमारे घरों में मल के साथ आ जाता है। आंगन लबालब हो जाता है, बदबू से जीना मुश्किल है। विधायक और अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
बच्चों की सेहत पर खतरा
मोहल्ले के लोग बताते हैं कि गंदे पानी और बदबू के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। कई बार सुपरवाइजर और पार्षद से गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय निवासी बचाऊ ने कहा कि “बच्चों को गोद में उठाकर घर से बाहर निकालना पड़ता है ताकि वे स्कूल जा सकें। मलबा और गंदगी घर में ही पड़ी रहती है।”
नगर निगम से निराश लोग
लोगों ने कहा कि नगर निगम इंदौर की तर्ज पर वाराणसी के 6 वार्डों को मॉडल वार्ड बनाने की बात कर रहा है, लेकिन हकीकत में कई मोहल्ले सीवर जलभराव से परेशान हैं। हाजी अब्दुर्रहमान ने कहा- “सीवर साफ करने कोई नहीं आता, हर दिन पानी घरों में घुस जाता है। हम बस इतना चाहते हैं कि नगर निगम सीवर लाइन साफ कराए ताकि जलनिकासी सुचारु हो सके।”








