
- ज्ञानवापी वजूखाने के ताले के फटे कपड़े बदलने की अनुमति जिला कोर्ट ने दी
- जिला जज संजीव शुक्ला ने दोनों पक्षों की सहमति को जरूरी बताया
- सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी वाराणसी को नियंत्रक बनाया है
वाराणसी: ज्ञानवापी के वजूखाने के ताले पर लगी सील के फटे कपड़े को बदलने का रास्ता शुक्रवार को जिला कोर्ट में साफ हो गया। सुनवाई के दौरान जिला जज संजीव शुक्ला ने इस मांग को स्वीकार किया। अदालत ने कहा कि यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार पूरी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट और जिलाधिकारी की भूमिका
जज ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी वाराणसी को इस मामले का नियंत्रक बनाया है। उन्हें आवश्यक बदलाव या सुधार के लिए नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। अदालत ने सरकार की ओर से दायर एप्लिकेशन को वापस लेने और दोनों पक्षों – हिंदू और मुस्लिम – की सहमति को भी जरूरी बताया।
अगली सुनवाई और कार्रवाई
कोर्ट ने 29 अक्टूबर को डीएम और दोनों पक्षों को बुलाया है। इसके बाद सभी की मौजूदगी में ज्ञानवापी परिसर में सील के फटे कपड़े को बदला जाएगा। यह कार्रवाई अदालत और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी होगी ताकि किसी भी पक्ष को आपत्ति न रहे।








