
- श्री सतगुरु कृपा रामलीला समिति के निर्देशन में लीला आयोजित
- राम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र की कथा भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत
- आगामी 27 सितंबर को फुलवारी लीला और धनुष यज्ञ का प्रदर्शन
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर के शहजादपुर कस्बे में 121 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला में 26 सितंबर को अहिल्या उद्धार एवं नगर दर्शन की लीला का मंचन किया गया। श्री सतगुरु कृपा रामलीला समिति के निर्देशन में अवधेश कुमार मेहरोत्रा द्वारा आयोजित इस लीला में कलाकारों ने पारंगत अभिनय का प्रदर्शन किया। लीला में राम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र की कथा को अत्यंत भावपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया गया।
अहिल्या उद्धार लीला
लीला की शुरुआत ऋषि विश्वामित्र, भगवान राम और लक्ष्मण की आश्रम से जनकपुर की यात्रा से हुई। मार्ग में उन्होंने माता अहिल्या को पत्थर रूप में देखा। गुरु विश्वामित्र ने राम से अहिल्या के बारे में बताया और उनके चरणों के स्पर्श से अहिल्या का शिलापिण्ड वास्तविक रूप में बदल गया। इस दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
जनकपुर में स्वागत और मीना बाजार भ्रमण
माता अहिल्या उद्धार के पश्चात भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर पहुँचे। महाराज जनक ने उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया। लक्ष्मण की इच्छा अनुसार दोनों कुमारों ने जनकपुर भ्रमण किया और मीना बाजार का अवलोकन किया। बाजार में व्यापारी और नागरिक राम और लक्ष्मण के चरणों में अपने उत्पाद अर्पित करते हुए उनका परिचय जानना चाहते थे। राम ने मुस्कुराते हुए अपने और लक्ष्मण का परिचय दिया और कहा कि सभी वस्तुएँ महाराज जनक के कोष से उनके निर्देशानुसार मूल्य प्राप्त कर लें।








