
अंबेडकरनगर। विद्युत चोरी रोकने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से जिले में चलाए जा रहे स्मार्ट मीटर अभियान के बाद हजारों उपभोक्ताओं को समय से बिजली बिल नहीं मिल पा रहा है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
पुराने मीटर हटे, नई समस्या खड़ी
घरों और प्रतिष्ठानों में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सामान्य मीटर के दौरान हर माह नियमित रूप से बिजली बिल मिल जाता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल ही नहीं मिल रहा है। इससे न तो उपभोक्ता समय पर भुगतान कर पा रहे हैं और न ही सही स्थिति की जानकारी मिल पा रही है।
जिले में 38 हजार स्मार्ट मीटर, चार हजार उपभोक्ता बिना बिल
अकबरपुर, जलालपुर, टांडा और आलापुर डिवीजन से जुड़े शहरों, बाजारों और सरकारी कार्यालयों में अब तक करीब 38 हजार घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 22 हजार कनेक्शन प्रीपेड में तब्दील हो चुके हैं। इसके बावजूद लगभग चार हजार उपभोक्ताओं को दिसंबर और जनवरी बीत जाने के बाद भी फरवरी माह तक बिजली का ऑनलाइन बिल उपलब्ध नहीं हो सका है।
शिकायतें दर्ज, समाधान नदारद
बिजली बिल न मिलने से परेशान उपभोक्ता यह नहीं समझ पा रहे हैं कि शिकायत कहां और कैसे दर्ज कराएं। बीते दो माह में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की 1912 हेल्पलाइन पर बिजली बिल से संबंधित 92 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की समस्या जस की तस बनी हुई है।








