
अंबेडकरनगर अकबरपुर के विजयगांव में खेत की मड़ाई के दौरान शुक्रवार को हुई मारपीट में घायल बच्चाराम चौहान की मौत से गांव में तनाव गहरा गया है। बच्चाराम ने शनिवार शाम ट्रामा सेंटर लखनऊ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रविवार सुबह शव गांव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और मार्ग जाम कर दिया। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर भीड़ शांत हो सकी।
धूल उड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद, लाठी-डंडों और धारदार हथियारों तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार, 21 नवंबर की सुबह करीब आठ बजे खेत की मड़ाई के दौरान धूल की वजह से बच्चाराम और जयराम के बीच कहा-सुनी हो गई। देखते ही देखते बात बढ़ी और दोनों पक्षों में लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से मारपीट शुरू हो गई।
घटना में बच्चाराम पक्ष से घनश्याम, राजितराम, रंजना, ललिता और शोभावती घायल हुए, जबकि जयराम पक्ष से करमचंद्र, घरसिंह, अमर सिंह, रोशनी और शिवानी को चोटें आईं।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर घर में घुसकर हमला करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए। गंभीर रूप से घायल बच्चाराम को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया, जहां शनिवार शाम उनकी मौत हो गई।
शव पहुंचते ही मार्ग जाम, परिजन बोले—यह सोचा-समझा हमला था
रविवार सुबह बच्चाराम का शव गांव पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजन शव को लेकर सड़क पर बैठ गए और जयंापुर मार्ग को जाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि यह सामान्य विवाद नहीं बल्कि सोचा-समझा हमला था और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी जरूरी है।
हंगामे के दौरान विपक्षी पक्ष के घरों के दरवाजे बंद मिले। ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी दिखाई दी और कई लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए।








