
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में तलाक का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज में एक नई सोच को जन्म दिया है। यहां एक परिवार ने अपनी बेटी के तलाक के बाद उसे बोझ नहीं, बल्कि सम्मान के साथ स्वीकार करते हुए ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ घर में स्वागत किया।
परिवार के इस फैसले ने न केवल सामाजिक परंपराओं को चुनौती दी है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि बेटी की खुशी सबसे ऊपर है।
तलाक के बाद जश्न जैसा माहौल
शनिवार को जैसे ही फैमिली कोर्ट से तलाक की प्रक्रिया पूरी हुई, परिवार के सदस्य बेटी को घर लाने पहुंचे। इस दौरान ढोल की थाप पर परिजन और रिश्तेदार नाचते-गाते नजर आए। पूरे रास्ते मिठाइयां बांटी गईं और माहौल किसी शादी या त्योहार जैसा दिखा।
घर पहुंचने पर रिटायर्ड जज पिता ने बेटी को फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। खास बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य ब्लैक टी-शर्ट पहने हुए थे, जिस पर बेटी की तस्वीर और “आई लव माय डॉटर” लिखा हुआ था।
“बेटी की खुशी सबसे जरूरी” – पिता
रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपनी इकलौती बेटी की शादी बड़े सपनों के साथ की थी, लेकिन जब वह खुश नहीं रही तो उसे वापस लाना ही उनका कर्तव्य था।
उन्होंने कहा, “अगर मेरी बेटी शादी के बाद खुश नहीं थी, तो उसे खुश रखना मेरा फर्ज है। मैंने कोई एलीमनी या सामान नहीं लिया, सिर्फ अपनी बेटी को वापस घर लाया हूं।”








