मोदी सरकार के वक्फ कानून पर बवाल- सड़कों से सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष

  • श्रीनगर में प्रदर्शन, देशभर में AIMPLB का ‘वक्फ बचाओ अभियान’ शुरू

  • PDP का विरोध मार्च रोका गया, AIMPLB ने 1 करोड़ हस्ताक्षरों का लक्ष्य रखा

  • वक्फ संपत्तियों पर नए कानून के खिलाफ देशभर में उबाल

श्रीनगर। पीडीपी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नए वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी महासचिव खुर्शीद आलम के नेतृत्व में कार्यकर्ता सिटी सेंटर तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पार्टी ऑफिस के बाहर ही रोक लिया।

AIMPLB की मुहिम: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने 11 अप्रैल से ‘वक्फ बचाओ अभियान’ की शुरुआत की। 87 दिन तक चलने वाले इस अभियान में 1 करोड़ हस्ताक्षर जुटाकर पीएम मोदी को भेजे जाएंगे। बोर्ड ने इसे संविधान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ नाम दिया।

बड़े आयोजन:

  • 22 अप्रैल: दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजन

  • 30 अप्रैल: देशभर में आधे घंटे का ब्लैकआउट

  • 7 मई: रामलीला मैदान, दिल्ली में कार्यक्रम

विरोध के तरीके: जुमे की नमाज के बाद मानव श्रृंखला, जिला मुख्यालयों पर धरने, प्रेस कॉन्फ्रेंस और ज्ञापन सौंपने की योजना।

AIMPLB का आरोप: कानून से वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता खत्म होगी, धार्मिक स्वतंत्रता का हनन होगा और सरकारी हस्तक्षेप बढ़ेगा।

विरोध के साथ समर्थन भी: ऑल इंडिया वुमन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कानून का समर्थन करते हुए कहा कि यह गरीब मुस्लिमों के हित में है।

सुप्रीम कोर्ट में चुनौती: कानून के खिलाफ 17 याचिकाएं दाखिल, 10 लिस्टेड। 16 अप्रैल को सुनवाई होगी।

राजस्थान में विरोध: 28 मुस्लिम संगठनों के फोरम ने आंदोलन की घोषणा की। अजमेर दरगाह के सचिव ने वक्फ संपत्तियों को ‘पवित्र ट्रस्ट’ बताया और संशोधन को ‘राज्य प्रायोजित भूमि हड़प’ करार दिया।

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