पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

  • भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की पुष्टि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया

  • राज्य सरकार को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने के लिए तीन महीने का समय दिया गया

  • भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और कई अधिकारी गिरफ्तार

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (SSC) द्वारा की गई 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करने के कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की और कहा कि इसमें कोई सुधार संभव नहीं है। साथ ही, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह तीन महीने के भीतर नई भर्तियों की प्रक्रिया पूरी करे।

भर्ती घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

यह मामला 2016 का है, जब पश्चिम बंगाल सरकार ने स्टेट लेवल सेलेक्शन टेस्ट (SLST) के जरिए सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षकों की भर्ती की थी। इस परीक्षा में 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे, लेकिन बाद में सामने आया कि इसमें 5 से 15 लाख रुपये की रिश्वत लेकर नियुक्तियां की गईं।

इस घोटाले की जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसियों ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी समेत कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। अर्पिता के घर से 49 करोड़ रुपये नकद और करोड़ों रुपये की ज्वेलरी बरामद हुई थी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: BJP ने ममता बनर्जी से मांगा इस्तीफा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग की है। राज्य भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “यह साबित हो गया है कि ममता सरकार में शिक्षित युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया और उनकी योग्यता को पैसे के बदले बेचा गया।”

क्या है पूरा मामला?

  • 2016 में हुई थी भर्ती: पश्चिम बंगाल सरकार ने SLST परीक्षा के जरिए 24,640 शिक्षकों और गैर-शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी।

  • भ्रष्टाचार के आरोप: हाईकोर्ट को मिली शिकायतों के अनुसार, भर्ती में बड़े पैमाने पर घूसखोरी हुई, जिसमें उम्मीदवारों से लाखों रुपये लिए गए।

  • CBI और ED की जांच: इस मामले में CBI और ED ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी समेत कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

  • ED की छापेमारी: अर्पिता मुखर्जी के घर से 49 करोड़ रुपये नकद, सोने की ईंटें और महंगी ज्वेलरी बरामद हुई।

  • CBI चार्जशीट: 30 सितंबर 2024 को CBI ने मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पार्थ चटर्जी समेत 16 लोगों के नाम शामिल थे।

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार को नई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी, जिससे योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सके।

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