- अमेरिका ने कैसे निभाई मध्यस्थ की भूमिका?
- रक्षा मंत्रालय की ब्रीफिंग क्यों टली?
- पीएमओ में चल रही बैठक से क्या निकल सकता है?
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच शनिवार को दोनों देशों ने संघर्ष विराम पर सहमति जताई है। शाम 5 बजे से लागू सीजफायर के बाद अब 12 मई को DGMO स्तर की बातचीत तय हुई है। इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में रक्षा मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की उच्चस्तरीय बैठक जारी है। इसी कारण सुबह 11 बजे प्रस्तावित रक्षा मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग टाल दी गई है।
अमेरिका की भूमिका, ट्रंप ने दी जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि यह समझौता अमेरिका की सक्रिय मध्यस्थता के कारण संभव हुआ। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाक पीएम शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सेना व सुरक्षा प्रमुखों से संपर्क किया।
रूबियो ने कहा, “हम मोदी और शरीफ की प्रशंसा करते हैं, जिन्होंने शांति के रास्ते को चुना।”
9 मई की रात हमला, 10 मई को सीजफायर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 9 मई की रात पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया। इसके बाद 10 मई दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय समकक्ष को फोन कर संघर्ष विराम की पेशकश की। दोनों पक्षों ने 5 बजे से सैन्य कार्रवाइयां रोकने पर सहमति जताई।
पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोली
विदेश सचिव विक्रम मिसरी और सेना के अधिकारियों ने एक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान के झूठे दावों का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने सटीक और सीमित जवाबी कार्रवाई की।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, “पाकिस्तान के दावों के विपरीत हमारे S-400, ब्रह्मोस फैसिलिटी, एयरबेस और हथियार डिपो पूरी तरह सुरक्षित हैं।” उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य क्षमता पूरी तरह सक्रिय और तैयार है।
भारत ने दिए कड़े जवाब
कर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ने श्रीनगर से नलिया तक कई इलाकों में ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिनमें कुछ नुकसान हुआ। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस जैसे स्कर्दू, सियालकोट, रहमयार खान समेत अन्य सैन्य ठिकानों को टारगेट किया।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा, “भारत की सभी सैन्य स्थापनाएं सुरक्षित हैं। पाकिस्तान के झूठे प्रचार का हमने तथ्यों से खंडन किया है।”








