- देश की सेवा दो रास्तों से: एक सेना में, दूसरी समाज में
- जुड़वां बहनों की दो कहानियां, एक समान प्रेरणा
- क्या आप जानते हैं कर्नल सोफिया की बहन भी हैं राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त?
मुंबई। भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी, जिन्होंने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाकर देशभर में चर्चा बटोरी, उनकी जुड़वां बहन डॉ. शाइना सुन्सारा भी अपने अनोखे करियर और उपलब्धियों के लिए सुर्खियों में हैं। सेना के गौरवशाली इतिहास से जुड़े इस परिवार की दूसरी बेटी ने भी कई क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है।
सेना की विरासत, लेकिन अलग राह
शाइना और सोफिया का जन्म एक सैन्य परिवार में हुआ। उनके पिता ने 1971 के युद्ध में भाग लिया, जबकि दादा-परदादा भी सेना से जुड़े रहे। चाचा BSF में तैनात रहे और दादी ने 1857 की क्रांति में झांसी की रानी के साथ लड़ने वाले पूर्वजों की कहानियां सुनाईं। जहां सोफिया ने सेना में करियर बनाया, वहीं शाइना ने अर्थशास्त्र, पर्यावरण संरक्षण, फैशन और यहां तक कि ब्यूटी पेजेंट्स में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
गोल्ड मेडलिस्ट से लेकर मिस इंडिया अर्थ तक
शाइना ने राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता और राष्ट्रपति से सम्मान पाया। इसके अलावा, उन्होंने मिस गुजरात, मिस इंडिया अर्थ 2017 और मिस यूनाइटेड नेशंस 2018 जैसे खिताब भी अपने नाम किए। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत मौजूदगी है, जहां उनके 28 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
पर्यावरण संरक्षण और फैशन का जुनून
शाइना ने गुजरात में 1 लाख पेड़ लगाने की पहल की, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा गया। 2018 में उन्हें दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया। फैशन के प्रति उनका प्रेम बचपन से रहा—एक बार उन्होंने अपनी मां की साड़ी काटकर ड्रेस डिजाइन कर दी थी!
“सोफिया ने जो किया, वह देश का गौरव है”
शाइना अपनी बहन के ऑपरेशन सिंदूर में योगदान पर गर्व महसूस करती हैं। उन्होंने कहा, “जब मैंने सोफिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते देखा, तो लगा जैसे रानी झांसी की वीरता फिर से जी उठी हो।”








