लखनऊ-कानपुर हाईवे पर ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू

  • NHAI ने लखनऊ-कानपुर हाईवे के पांच ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की
  • साउथ इंडिया की विशेषज्ञ टीम द्वारा होगा सर्वे और सुधार
  • सड़क डिजाइन, ट्रैफिक मूवमेंट और सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन किया जाएगा

लखनऊ। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सफर को और भी सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने ब्लैक स्पॉट्स की समस्या को सुलझाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। हाईवे पर पांच प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां अक्सर हादसे और ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। अब इन स्थानों को सुधारने के लिए साउथ इंडिया की एक विशेषज्ञ टीम को नियुक्त किया गया है।

ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और सर्वे की प्रक्रिया
NHAI की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ-कानपुर हाईवे पर आशा खेड़ा, दही चौकी, चमरौली, त्रिभुवन खेड़ा और नवाबगंज ऐसे इलाके हैं, जिन्हें ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर हादसों की संख्या ज्यादा है और यातायात व्यवस्था में भी समस्याएं उत्पन्न होती रही हैं। अब, इस इन ब्लैक स्पॉट्स के समाधान के लिए एक विशेषज्ञ टीम इन स्थानों का गहन सर्वे करेगी।

सड़क डिजाइन और सुरक्षा उपायों का होगा मूल्यांकन
विशेषज्ञ टीम इन ब्लैक स्पॉट्स के भौतिक निरीक्षण के बाद, सड़क डिजाइन, मोड़, ट्रैफिक मूवमेंट और सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद, टीम अपनी रिपोर्ट NHAI को सौंपेगी, जिसके आधार पर निर्माण कार्यों और सुधारों की योजना तैयार की जाएगी।

कार्य में तेजी लाने का आश्वासन
NHAI अफसरों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित स्थानों पर कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि इन जगहों पर होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके। इसका उद्देश्य यात्रियों को एक सुरक्षित और निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

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