क्यों नगर निगम ने अचानक की करोड़ों की जमीन पर कार्रवाई

  • मंडलायुक्त और नगर आयुक्त के निर्देश पर चला बुलडोजर
  • ऊसर और तालाब की भूमि पर बना था अवैध कब्जा
  • प्रॉपर्टी डीलरों की करतूत पर नगर निगम का वार

लखनऊ। नगर निगम लखनऊ ने सरोजनी नगर तहसील के ग्राम बिजनौर में 5 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। यह अभियान मंडलायुक्त लखनऊ और नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर चलाया गया।

कार्रवाई अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गई, जिसमें गाटा संख्या 1919 की 0.253 हेक्टेयर और गाटा संख्या 1367 की 0.052 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण से खाली कराया गया। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, यह भूमि ऊसर और तालाब के रूप में दर्ज है।

अवैध प्लाटिंग का हुआ खुलासा

जांच में सामने आया कि स्थानीय लोगों और प्रॉपर्टी डीलरों ने इस सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर रखी थी। जमीन को अस्थाई पिलरों और सीमेंट की बाउंड्री वॉल से घेर लिया गया था। नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से इन सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

विरोध के चलते स्थगित हुई कुछ हिस्सों की कार्रवाई

कार्रवाई के दौरान गाटा संख्या 1256 और 1351 पर कब्जेदारों ने विरोध किया, जिसके चलते इन हिस्सों पर कार्रवाई पीएसी की मौजूदगी में अगली तिथि तक टाल दी गई।

इस अभियान में तहसील प्रशासन, पुलिस बल, पीएसी और नगर निगम की ईटीएफ टीम की संयुक्त भागीदारी रही। कुल 0.305 हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराकर शासन को बड़ी राहत दी गई है।

बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये

मुक्त कराई गई जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये आंका गया है। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अतिक्रमण की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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