
- ओकेंद्र राणा का नया वीडियो वायरल, क्या है उनकी अगली रणनीति?
- महाराणा प्रताप की प्रतिमा विवाद, प्रशासन और करणी सेना के बीच टकराव
- आगरा में पुलिस और समर्थकों के बीच हुई झड़प, क्या है असली कारण?
आगरा। करणी सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने एक बार फिर पुलिस को धमकी भरे बयान दिए हैं। फेसबुक पर लाइव वीडियो जारी करते हुए उन्होंने कहा कि “इस देश में महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगाने के लिए हमें किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन राजनेताओं के इशारे पर काम कर रहा है।
“फर्जी मुकदमे दर्ज करवा रहे हैं, पुलिस को सस्पेंड कराऊंगा”
ओकेंद्र राणा ने दावा किया कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा,
“मैंने कभी कानून हाथ में नहीं लिया, लेकिन पुलिस ने बिना वजह मेरे साथियों को पीटा है।”
“2027 में जब हमारी सरकार बनेगी, तो इन पुलिसवालों को सस्पेंड कराऊंगा। यही लोग हमें चाय पिलाएंगे।”
“मैं किसी से नहीं डरता, महाराणा प्रताप के नाम पर कोई रोक नहीं लगा सकता।”
14 मई की घटना का विवरण
ओकेंद्र ने अपने वीडियो में बताया कि 14 मई को आगरा में उनके कई कार्यक्रम थे। करणी सेना के जिलाध्यक्ष शिवम सिंह राठौर ने उन्हें आमंत्रित किया था। उनके जन्मदिन (15 मई) के मौके पर समर्थकों ने केक काटा, लेकिन इसी दौरान उन्हें पता चला कि सिकरारा गांव में पुलिस ने उनका कार्यक्रम रोक दिया है।
“जब हम नौफरी गांव पहुंचे, तो पुलिस ने महाराणा प्रताप के बोर्ड का अनावरण रोक दिया।”
“एसीपी सैय्यद अरिब अहमद ने कहा कि अनावरण नहीं होने दूंगा, लेकिन मैंने जबरन पर्दा हटा दिया।”
“पुलिस ने मुझे रोकना चाहा, लेकिन मैं वहां से निकल गया।”
पुलिस का एक्शन, समर्थकों पर लाठीचार्ज
ओकेंद्र के भागने के बाद पुलिस ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जेल से छूटने के बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर ज्यादती के आरोप लगाए, जबकि प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के भीड़ जमा करके कानून-व्यवस्था को भंग किया गया।
क्या होगा अगला एक्शन?
ओकेंद्र राणा ने साफ कर दिया है कि वह महाराणा प्रताप के नाम पर होने वाले कार्यक्रमों को नहीं रोकेंगे। उनके बयानों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जबकि पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया है।








