
- वाराणसी में पहली बार दरोगाओं की कार्यशैली की खुली पोल
- 145 दरोगा फेल, 100 को नहीं आती पब्लिक डीलिंग
- पुलिस लाइन में ट्रेनिंग के लिए भेजे गए फेल दरोगा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद वाराणसी में पहली बार सब इंस्पेक्टरों का परफॉर्मेंस रिव्यू किया गया। 589 दरोगाओं की समीक्षा में 145 दरोगा फेल हो गए, जबकि 6 दरोगाओं को ‘स्टार परफॉर्मर’ के रूप में चुना गया। समीक्षा के आधार पर फेल दरोगाओं को चेतावनी के साथ पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है।
बेसिक जानकारी भी नहीं, पब्लिक डीलिंग में कमजोर
रिव्यू में चौंकाने वाले खुलासे हुए। 145 दरोगा ऐसे पाए गए, जो 75 में से 25 अंक भी नहीं ला सके। इनमें से कई को प्राथमिक पुलिस कार्यों की भी जानकारी नहीं थी।
100 दरोगा पब्लिक डीलिंग में कमजोर पाए गए।
50 से अधिक दरोगा जांच रिपोर्ट भी सही से नहीं लिख पा रहे थे।
वहीं, 444 दरोगाओं ने संतोषजनक प्रदर्शन किया, जबकि 6 दरोगा ‘स्टार परफॉर्मर’ घोषित किए गए जिन्हें जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।
स्टार परफॉर्मर दरोगा कौन हैं?
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, जिन दरोगाओं ने 75% से अधिक अंक प्राप्त किए उनमें शामिल हैं:
राजदर्पण तिवारी और अमरजीत कुमार (मंडुवाडीह थाना)
विकास कुमार मौर्य (रोहनिया थाना)
मीनू सिंह (चेतगंज थाना)
निहारिका साहू (कोतवाली थाना)
अंशू पांडेय (रामनगर थाना)
फेल दरोगा पुलिस लाइन भेजे गए, ट्रेनिंग अनिवार्य
फेल दरोगाओं को एक महीने के लिए पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है।
इन्हें प्रशिक्षण, परेड और फुट पेट्रोलिंग कराई जाएगी।
रोज़ाना 10-10 दरोगाओं की CP खुद काउंसलिंग करेंगे।
कामकाज में सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्राइम मीटिंग में CP ने दिए सख्त निर्देश
क्राइम मीटिंग में CP मोहित अग्रवाल ने थानेदारों को निर्देश दिए:
हुक्का बार, स्पा सेंटर और जुए-सट्टे के अड्डों पर सख्त कार्रवाई हो।
ऑनलाइन सट्टेबाजी, शराब तस्करी, स्टंट करने वालों पर निगरानी बढ़ाई जाए।
रात्रि गश्त, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और फुट पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाया जाए।
CUG फोन हर हाल में अटेंड करने की चेतावनी दी गई।
दागी इंस्पेक्टर को फिर थाने का चार्ज
महिला से अभद्रता कर थाने से भगाने वाले इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को मिर्जामुराद थाने का नया SHO बनाया गया है।
उन्हें 29 दिसंबर 2024 को लाइन हाजिर किया गया था।
हाल में डायल-112 में तैनाती के बाद अब फिर थाने की कमान मिल गई है।
वहीं, इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया गया, जिन पर जुए की गतिविधियों पर कार्रवाई न करने के आरोप लगे थे।








