
- अभिषेक ने इशारों में बताया कि वह पिछले दो दिनों से भूखा था
- बदहवास हालत में मिले अभिषेक शर्मा डिप्रेशन में हैं, न बोल पा रहे हैं
- अभिषेक शर्मा फरवरी 2024 में सीआरपीएफ में हेड कॉन्स्टेबल बने थे
आगरा। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप से लापता हेड कॉन्स्टेबल अभिषेक शर्मा को सात दिन बाद दिल्ली में उनके परिजनों ने खोज निकाला। वह राजधानी के मुखर्जी नगर इलाके में बदहवास हालत में मिले। फिलहाल वह गहरे डिप्रेशन में हैं और बोलने की स्थिति में नहीं हैं। दो दिनों से भूखे अभिषेक ने इशारों में परिजनों को अपनी हालत बताई। अब उन्हें इलाज के लिए आगरा ले जाया गया है।
26 मई को हुए थे लापता, 2 जून को दिल्ली में मिले
शाहगंज के मुरली विहार निवासी 28 वर्षीय अभिषेक शर्मा फरवरी 2024 में सीआरपीएफ में हेड कॉन्स्टेबल बने थे और वर्तमान में उधमपुर में पोस्टेड हैं। 26 मई की सुबह वह अचानक कैंप से निकल गए थे और उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। 2 जून को दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में वह सड़क किनारे बेसुध हालत में पड़े मिले।
फेसबुक कॉल से मिला था सुराग
30 मई को अभिषेक के एक दोस्त ने बताया कि 27 मई को अभिषेक का कॉल आया था। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए फोन की लोकेशन निकाली, जो दिल्ली के मयूर विहार इलाके की मिली। वहां एक ठेले वाले ने बताया कि सेना की वर्दी में एक युवक कॉल करने आया था।
सीसीटीवी से मिली पहचान, मुखर्जी नगर में मिला भाई
सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद अभिषेक को मुखर्जी नगर इलाके में ढूंढा गया, जहां वह मानसिक रूप से अस्थिर और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में मिले। उनके भाई अंकुर ने बताया कि वह न कुछ बोल पा रहे थे और न ही अपनी हालत समझा पा रहे थे। 2 जून को उन्हें आगरा लाकर इलाज शुरू कराया गया।
डिप्रेशन में हैं, इलाज जारी
परिजनों के मुताबिक, अभिषेक गहरे डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें आराम दिया जा रहा है। भाई अंकुर ने कहा कि संभव हुआ तो उन्हें कुछ समय की छुट्टी दिलाकर घर पर ही इलाज कराएंगे।
आखिरी कॉल जूनियर को किया था
सीआरपीएफ कैंप के अनुसार, 26 मई की सुबह अभिषेक ने अपने जूनियर को कॉल कर बताया था कि ऑफिस देर से पहुंचेंगे। इसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ हो गया था। कैंप से वे सुबह 6 बजे ही निकल गए थे, जो सामान्य से एक घंटे पहले था।








