
- समाज कल्याण विभाग में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा
- 20 हजार रुपए रिश्वत के बाद वृद्ध को मृत दिखाकर पेंशन रोकी गई
- पीएम आवास योजना के नाम पर भी रिश्वत की मांग
राजातालाब। समाज कल्याण विभाग में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला उजागर हुआ है। 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद भी वृद्धा को मृत घोषित कर उनकी वृद्धावस्था पेंशन रोकने के आरोप में राजातालाब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर विभाग के एडीओ प्रमोद पटेल और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी अंजनी सिंह के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया है।
दुर्गा प्रसाद पाण्डेय, जो वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी हैं, ने आरोप लगाया कि ग्राम विकास अधिकारी अंजनी सिंह ने वर्ष 2024 में पीएम आवास योजना के सत्यापन के दौरान 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। दुर्गा प्रसाद ने 20 हजार रुपए तो दिए, लेकिन शेष राशि नहीं होने पर अधिकारी ने आवास आवंटन निरस्त करने की धमकी दी।
आवास मिलने के बाद भी दुर्गा प्रसाद को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मृत घोषित कर उनकी पेंशन रोक दी। जब दुर्गा प्रसाद बैंक पहुंचे तो उन्हें इस बारे में जानकारी मिली, जिससे वह हतप्रभ रह गए।
कई बार विभाग और पुलिस के दरवाजे खटखटाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली, तब उन्होंने कोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए।








